उदित भास्कर. जोधपुर
विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने तथा रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय में 23 सितंबर 2026, बुधवार को ‘शब्द से संवेदना तक’ कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्यालय परिसर में आयोजित होगी।
कार्यशाला में साहित्य एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े विशेषज्ञ साहित्य परिषद के मनोज कुमार, साहित्यकार सुषमा चौहान, डॉ. हरीदास व्यास एवं प्रगति गुप्ता विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस दौरान समीर गांगुली की कहानी ‘सौ साल बाद’ तथा संजीव जायसवाल की कहानी ‘बाबा भालूक की अमर कहानी’ का वाचन भी किया जाएगा।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति की संभावनाओं को प्रोत्साहित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, साहित्य केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को अधिक संवेदनशील बनाने का प्रभावी साधन भी है। यह कार्यशाला विद्यार्थियों को शब्दों के माध्यम से भावनाओं को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की प्रेरणा देगी।
विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं तथा उनमें समाज और मानवीय संवेदनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करते हैं।
कार्यशाला की मुख्य जानकारी
– विषय: शब्द से संवेदना तक
– दिनांक: 23 सितंबर 2026, बुधवार
– समय: प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
– स्थान: बाल निकेतन माध्यमिक विद्यालय परिसर, जोधपुर
– आयोजक: विद्यालय प्रशासन
“शब्दों में है शक्ति, जो मन को छूकर
जीवन में नई ऊर्जा भर देती है।”
विद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से इस रचनात्मक यात्रा का हिस्सा बनकर कार्यशाला का लाभ उठाने की अपेक्षा व्यक्त की है।







