अणुव्रत सुपरफास्ट ट्रेन में एक करोड़ की चोरी का पर्दाफाश,सोना-चांदी बरामद

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-सीसीटीवी से हरियाणा तक पहुंची आरपीएफ-जीआरपी] -ट्रेन में यात्रियों को निशाना बनाने वाली गैंग के चार गिरफ्तार, सात सौ ग्राम सोना, आधा किलो चांदी और 5 लाख रुपए नकद बरामद, आरोपी रिमांड पर, बाकी सदस्यों की तलाश

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

दक्षिण के मदुरै से चलकर बीकानेर आने वाली अणुव्रत एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में यात्रियों के सामान से एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत के जेवर और नकदी चोरी के मामले में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई ने गैंग का पर्दाफाश कर दिया।

सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग, यात्री रिकॉर्ड, टोल और फास्टैग डेटा तथा तकनीकी इनपुट को जोड़ते हुए जांच को हरियाणा तक पहुंचाया और गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से करीब सात सौ ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी, 5 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा बोलेरो बरामद की गई है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) नीतीश शर्मा ने बताया कि ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ-जीआरपी की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने यात्री आरक्षण चार्ट, टीटीई और सहयात्रियों के बयान जुटाए। इसके बाद रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज, टोल रिकॉर्ड और फास्टैग डेटा का मिलान कर संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया गया।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मकराना रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध ट्रेन में सवार होते नजर आए। इसी दौरान स्टेशन के बाहर मिली काली महिंद्रा बोलेरो की जानकारी भी जांच में शामिल की गई। वाहन के रिकॉर्ड और तकनीकी इनपुट के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस किया गया। सुरागों की कड़ी आगे बढ़ाते हुए जांच टीम हरियाणा पहुंची और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हांसी निवासी वीरेंद्र कुमार उर्फ पिल्ला और सुरेंद्र कुमार, जींद निवासी सुनील कुमार तथा कैथल निवासी रणवीर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने श्री बालाजी स्टेशन के पास यात्रियों का सामान रखने में मदद करने के बहाने उनसे संपर्क किया। इसी दौरान यात्रियों और उनके सामान पर नजर रखी गई। बाद में चिलो स्टेशन के दौरान सूटकेस का लॉक खोलकर जेवर और नकदी चोरी कर ली गई। आरपीएफ व जीआरपी की इस संयुक्त बड़ी कार्रवाई की जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी व महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ) ज्योतिकुमार सतीजा ने सराहना की है।

11 सितंबर की वारदात से खुली जांच की परत

मंगी देवी (55) और उनकी बेटी डिंपल राजपुरोहित इस ट्रेन में 11 सितंबर को नागपुर से नोखा जा रही थीं। दोनों बी-1 कोच में बर्थ संख्या 25 और 28 पर यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान उनके सूटकेस से जेवर और नकदी चोरी हो गई। विक्रम रमेश राजपुरोहित की शिकायत पर 14 सितंबर को जीआरपी बीकानेर में प्रकरण संख्या 42/2026 दर्ज किया गया।

पूछताछ में 6-7 सदस्यीय गैंग का खुलासा

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गैंग में 6-7 सदस्य होने की जानकारी दी। गैंग लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को निशाना बनाती थी। आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर चोरी की शेष संपत्ति बरामद करने और गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की कार्रवाई जीआरपी बीकानेर की एसएचओ नेहा राजपुरोहित और आरपीएफ नागौर के उप निरीक्षक रमेश कुमार के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने की जिसमें जीआरपी साइबर सेल के सहायक उपनिरीक्षक दीपेंद्रपाल सिंह, कानिस्टेबल राजाराम, दिलीप कुमार, अनिल कुमार भी शामिल रहकर मामले का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई।

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