आईपीएस पंकज चौधरी प्रकरण में सरकार को झटका, समय बढ़ाने की अर्जी खारिज

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केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण जयपुर ने कार्मिक एवं गृह विभाग की ओर से मांगा गया अतिरिक्त समय देने से किया इनकार

दिलीप कुमार पुरोहित. जयपुर

आईपीएस पंकज कुमार चौधरी से जुड़े अनुशासनात्मक प्रकरण में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जयपुर ने राजस्थान सरकार के पक्ष को राहत नहीं दी। अधिकरण की जयपुर पीठ ने अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगने संबंधी एम.ए. संख्या 64/2026 को खारिज कर दिया।

मामला ओ.ए. संख्या 145/2025 से संबंधित है। अधिकरण ने 30 अप्रैल 2025 के अपने आदेश में संबंधित अधिकारियों को 13 सितंबर 2017 को जारी आरोप-पत्र के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी करने के लिए आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने से तीन सप्ताह का समय दिया था। आदेश की प्रमाणित प्रति 13 मई 2025 को प्राप्त हुई थी और निर्धारित अवधि 3 जून 2025 को समाप्त हो गई।

आठ साल तक कार्रवाई लंबित रहने का उल्लेख

अधिकरण ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि पंकज कुमार चौधरी को 13 सितंबर 2017 को आरोप-पत्र जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद की कार्रवाई लगभग आठ वर्ष तक लंबित रही। इसके बाद संबंधित अधिकारी ने आरोप-पत्र को रद्द करने की मांग को लेकर ओ.ए. संख्या 145/2025 दायर किया था। हालांकि अधिकरण ने आरोप-पत्र रद्द करने की राहत नहीं दी, लेकिन संबंधित विभागों को अनुशासनात्मक कार्रवाई निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए थे।

पहली समय-सीमा के बाद मांगा गया था अतिरिक्त समय

आदेश के अनुसार निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित प्रतिवादियों ने 7 अगस्त 2025 को पहला विविध आवेदन एम.ए. संख्या 318/2025 दाखिल कर अतिरिक्त समय मांगा था। अधिकरण ने 11 अगस्त 2025 के आदेश से न्यायहित में दो महीने का अतिरिक्त समय दिया था। इसके बावजूद अनुशासनात्मक कार्रवाई निर्धारित अतिरिक्त अवधि में पूरी नहीं हुई। बाद में 15 सितंबर 2025 की जांच रिपोर्ट को चुनौती देते हुए ओ.ए. संख्या 37/2026 दायर किया गया, जो अधिकरण के समक्ष लंबित है।

बार-बार समय मांगने पर अधिकरण ने जताई असहमति

मौजूदा एम.ए. संख्या 64/2026 में फिर से 30 अप्रैल 2025 के आदेश का पालन करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था। अधिकरण ने आदेश में कहा कि आरोप-पत्र सितंबर 2017 में जारी होने के बाद लगभग आठ वर्ष तक मामला लंबित रहा और अधिकरण के निर्देश के बाद ही विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ी। इसके बावजूद बार-बार समय बढ़ाने की मांग की जा रही है। पीठ ने यह भी महत्वपूर्ण माना कि जांच रिपोर्ट को चुनौती देने वाले ओ.ए. संख्या 37/2026 में निर्धारित समय-सीमा के बाद जांच रिपोर्ट जारी किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।

अतिरिक्त समय देने से साफ इनकार

मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अधिकरण ने एम.ए. संख्या 64/2026 को खारिज कर दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि खर्च के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया गया है। यह आदेश केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जयपुर पीठ की सदस्य लोक रंजन (प्रशासनिक सदस्य) और रंजना शाही (न्यायिक सदस्य) की पीठ द्वारा पारित किया गया है। आदेश दिनांक 18 सितंबर 2026 है, जिसे 23 सितंबर 2026 को अपलोड किया गया।

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