मुख्य अतिथि आईआईटी के निदेशक डॉ. अविनाश अग्रवाल ने कृषि विज्ञान के भविष्य का जो प्रारूप प्रस्तुत किया वो अपने आप में एक विलक्षण रोड मैप था जिसमें कृषि केवल खेती न हो कर एक नवीन टेक्नोलॉजी का समावेशी उपक्रम बनेगी।
उदित भास्कर. जोधपुर
कृषि विश्वविद्यालय,जोधपुर का 14 वां स्थापना दिवस 14 सितंबर को आयोजित किया गया। कुलगुरु डॉ. वी एस जैतावत के कुशल नेतृत्व दृष्टि से लोगों को समारोह से जिस तरह जोड़ा वो अपने आप में एक दुर्लभ उदाहरण है। मंच पर जोधपुर के शिक्षा जगत की जानी मानी हस्तियां उपस्थित थीं, उससे उत्सव की भव्यता में चार चाँद लग गए।
मुख्य अतिथि आईआईटी, जोधपुर के निदेशक डॉ. अविनाश अग्रवाल, विशिष्ट अतिथियों मेंं जयनारायण व्यास विवि के कुलगुरु पवन शर्मा, एमबीएम के कुलगुरु प्रोफेसर अजय शर्मा, आयुर्वेद विवि के कुलगुरु वैद्य श्री गोविंद सहाय शुक्ला, संस्थापक कुलगुरु डॉ. एल एन हर्ष, एफडीडीआई जोधपुर के निदेशक डॉ अनिल कुमार, एवं प्रबंध मंडल सदस्य डॉ. गजेंद्र सिंह मंचासीन थे। अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. वीएस जैतावत ने की। समारोह के संगीतमय और श्रद्धापूर्ण आरंभ, स्वागत, अभिनंदन,पुस्तक विमोचन, सम्मान, नृत्य गायनऔर धन्यवाद ज्ञापन तक एक एक सोपान संक्षिप्त, अनुशाषित और आनंद दायक रहे। कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर की प्रगति पर कुलगुरु का अभिभाषण और डॉ रामावत का प्रतिवेदन ज्ञानवर्धक थे। अतिथियों के उदबोधन संक्षिप्त, प्रेमपूर्ण और प्रेरणा दायक थे। प्रत्येक अतिथि ने एक न एक नया विचार दिया। मुख्य अतिथि आईआईटी के निदेशक डॉ. अविनाश अग्रवाल ने कृषि विज्ञान के भविष्य का जो प्रारूप प्रस्तुत किया वो अपने आप में एक विलक्षण रोड मैप था जिसमें कृषि केवल खेती न हो कर एक नवीन टेक्नोलॉजी का समावेशी उपक्रम बनेगी।
इसी तरह विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति डॉ. एलएन हर्ष ने जहाँ विवि के विकास पर प्रसन्नता व्यक्त की वहीं बायो एथेनॉल टेक्नोलॉजी की संभावना पर मौलिक विचार प्रकट किये। पूरे समारोह में प्रशासन, संकाय, वैज्ञानिक, छात्र, छात्राएं, स्टाफ, पूर्व सेवानिवृत्त शिक्षक और किसान सभी की भागीदारी थी। कृषि विवि जोधपुर के छात्र छात्राओं द्वारा एक शानदार नृत्य संगीत नाटक के कार्यक्रम के साथ समारोह संपन्न हुआ।
आयोजन, विचार, आतिथ्य, सब कुछ अद्भुत।






