अग्रसेन जयंती महोत्सव में आस्था, संस्कृति और प्रतिभा का संगम

SHARE:

अग्रवाल विकास संस्थान बासनी की ओर से 25 अक्टूबर तक होंगे विविध आयोजन, शोभायात्रा, भजन संध्या, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम बनेंगे आकर्षण

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 uditbhaskarnews@gmail.com

अग्रवाल समाज की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सेवा भावना को समर्पित अग्रवाल विकास संस्थान, बासनी की ओर से भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है। 5180वीं भगवान श्री अग्रसेन जयंती के अवसर पर 27 सितंबर से शुरू हुए विभिन्न कार्यक्रमों का सिलसिला 25 अक्टूबर तक जारी रहेगा। महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मनोरंजक खेल, महिला एवं वरिष्ठजन सम्मान, प्रतिभावान विद्यार्थियों का अभिनंदन, शोभायात्रा, भजन संध्या, चाट बाजार, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और नृत्य नाटिका जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

महोत्सव का उद्देश्य केवल भगवान श्री अग्रसेन जी की जयंती मनाना ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद, सहभागिता और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करना भी है। आयोजन में बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों तक के लिए अलग-अलग गतिविधियां रखी गई हैं। इससे जयंती महोत्सव धार्मिक आयोजन के साथ पारिवारिक एवं सामाजिक उत्सव का स्वरूप ले रहा है।

मनोरंजक खेलों से शुरू हुआ उत्सव का रंग

27 सितंबर को आयोजित विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियों ने महोत्सव की शुरुआत को उत्साहपूर्ण बना दिया। इस दौरान पजल मैचिंग, मस्ती धमाल, हप एंड कप, मग्गी ऑन द रन, म्यूजिकल पजल, हिंदी बचाओ, किस्मत कनेक्शन, बेलेन्स द स्टिक, कसरत करो, किस्मत की कुर्सी, सिक्का गिराओ तमाशा देखो, सर जो तेरा चकराए, टेढ़ा है पर मेरा है, काग भगोड़ा, तंबोला, म्यूजिकल चेयर और जिसकी रानी उसकी जीत जैसी गतिविधियां आयोजित हुईं।

इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पारंपरिक मेल-मिलाप के साथ आधुनिक मनोरंजन को जोड़ने वाली इन गतिविधियों ने आयोजन में पारिवारिक वातावरण तैयार किया। बच्चों और युवाओं के साथ परिवार के अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्सव को जीवंत बनाया।

वरिष्ठजनों और लक्ष्मी सम्मान से बढ़ा सम्मान का भाव

3 अक्टूबर को महोत्सव के तहत वरिष्ठ अग्रजन सम्मान और लक्ष्मी सम्मान का आयोजन किया गया। समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान नई पीढ़ी को उनके अनुभव, योगदान और सामाजिक भूमिका से जोड़ने का माध्यम बना। वरिष्ठजनों का सम्मान किसी भी समाज की परंपरा और संस्कारों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

इसी दिन सुंदरकांड पाठ का भी आयोजन हुआ। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ में सहभागिता की। इस आयोजन के माध्यम से आध्यात्मिकता और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया।

11 अक्टूबर को ध्वजारोहण से जयंती समारोह का मुख्य चरण

भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों की श्रृंखला में 11 अक्टूबर, रविवार को विशेष आयोजन होंगे। सुबह 11 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे ही ध्वज गीत का आयोजन होगा। सुबह 11:15 बजे भगवान श्री अग्रसेन जी की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद सुबह 11:30 बजे अल्पाहार की व्यवस्था रहेगी।

ध्वजारोहण और पूजा-अर्चना के कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्री अग्रसेन जी के आदर्शों को स्मरण किया जाएगा। समाज के लोगों से इन आयोजनों में सहभागिता की अपेक्षा की गई है।

शाम 7 बजे निकलेगी भव्य शोभायात्रा

11 अक्टूबर को ही शाम 7 बजे भगवान श्री अग्रसेन जी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता देखने को मिलेगी। धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप वाली यह शोभायात्रा भगवान श्री अग्रसेन जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

शोभायात्रा के दौरान समाज की एकजुटता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, जयंती महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों में अधिक से अधिक समाजबंधुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘एक शाम खाटूवाले के नाम’ में गूंजेंगे भजनों के स्वर

11 अक्टूबर को ही धार्मिक एवं भक्तिमय कार्यक्रमों की श्रृंखला में श्री खाटू श्याम परिवार सेवा समिति एवं अग्रवाल विकास संस्थान बासनी की ओर से 45वीं भजन संध्या एवं प्रसादी ‘एक शाम खाटूवाले के नाम’ का आयोजन किया जाएगा।

यह कार्यक्रम ए-18, राम भवन के पास, पार्क नंबर 2, सरस्वती नगर, जोधपुर में आयोजित होगा। भजन संध्या में श्रद्धालुओं के लिए भक्ति संगीत का विशेष आयोजन रहेगा। भगवान खाटू श्याम के भजनों के माध्यम से वातावरण भक्तिमय बनाया जाएगा। कार्यक्रम के साथ प्रसादी की भी व्यवस्था रहेगी।

भजन संध्या महोत्सव में धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आयोजन होगा। लंबे समय से आयोजित हो रही भजन संध्या को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

23 अक्टूबर को पुरस्कार वितरण और प्रतिभाओं का अभिनंदन

महोत्सव की अगली महत्वपूर्ण कड़ी 23 अक्टूबर को आयोजित होगी। इस दिन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ प्रतिभावान छात्र एवं छात्राओं का अभिनंदन किया जाएगा।

शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलने से अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है।

यह कार्यक्रम केवल प्रतिभाओं के सम्मान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नई पीढ़ी को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का अवसर भी बनेगा। विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मंच प्रदान करने से परिवारों में भी उत्साह का वातावरण बनेगा।

25 अक्टूबर को फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और चाट बाजार

महोत्सव का समापन चरण 25 अक्टूबर को विविध कार्यक्रमों के साथ होगा। इस दिन भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कक्षा नर्सरी से संबंधित बच्चों के लिए प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे आयोजित होगी। इसके साथ कक्षा 3 से 7 तक के विद्यार्थियों के लिए भी फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रखी गई है।

बच्चों के लिए आयोजित यह कार्यक्रम मनोरंजन के साथ उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने वाला होगा। विभिन्न वेशभूषाओं के माध्यम से बच्चे अपनी कल्पनाशक्ति और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

इसी दिन चाट बाजार का भी आयोजन किया जाएगा। चाट बाजार सरस्वती पार्क नंबर 2, ए-18, राम भवन के पास, सरस्वती नगर में आयोजित होगा। परिवारों के लिए यह कार्यक्रम महोत्सव के अंतिम चरण को मनोरंजक और स्वादिष्ट अनुभव से जोड़ने वाला रहेगा।

नृत्य नाटिका में दिखेगी सांस्कृतिक प्रस्तुति

25 अक्टूबर को ही ए-18, राम भवन के पास, पार्क नंबर 2, सरस्वती नगर में नृत्य नाटिका का आयोजन किया जाएगा। इसमें मनोज रिया ग्रुप, नई दिल्ली की ओर से शाम 7 बजे प्रस्तुति दी जाएगी।

नृत्य नाटिका महोत्सव के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के बीच सांस्कृतिक रंग भरने का काम करेगी। मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक संदेश भी प्राप्त होगा। दिल्ली से आने वाला कलाकार समूह इस कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान करेगा।

सामूहिक सहभागिता से आकार ले रहा महोत्सव

अग्रवाल विकास संस्थान बासनी की ओर से आयोजित इस महोत्सव की विशेषता इसकी व्यापक सहभागिता है। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के पदाधिकारी, मार्गदर्शक, सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

संस्थान के अध्यक्ष बालकिशन अग्रवाल, सचिव पीडी अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुधीर कुमार गुप्ता, सह सचिव नरेश गुप्ता और कोषाध्यक्ष कमल गुप्ता आयोजन की व्यवस्थाओं से जुड़े हैं।

इसी प्रकार मार्गदर्शक विष्णुचंद्र अग्रवाल, जयंती संयोजक डॉ. श्रीमती सुरभि मंगल, मार्गदर्शक अनिल गोयल, सदस्य श्रीमती सोनल बंसल, डॉ. श्रीमती प्रज्ञा सिंघल, श्रीमती अनामिका पित्ती, श्रीमती रेणु मित्तल, रवि मोहन गुप्ता और श्रीमती रितिका सिंयल सहित अन्य सदस्य आयोजन में सहभागिता कर रहे हैं।

विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल और श्रीमती याशी अग्रवाल भी आयोजन से जुड़ी हैं।

धर्म के साथ सामाजिक चेतना का संदेश

भगवान श्री अग्रसेन जी का जीवन समाज में समानता, सहयोग, उद्यमिता और सेवा के संदेश से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को शामिल करना आयोजन को व्यापक स्वरूप देता है।

महोत्सव में एक ओर सुंदरकांड पाठ, पूजा-अर्चना और भजन संध्या जैसे धार्मिक कार्यक्रम हैं तो दूसरी ओर विद्यार्थियों का सम्मान, वरिष्ठजनों का अभिनंदन, खेल प्रतियोगिताएं, फैंसी ड्रेस और नृत्य नाटिका जैसे कार्यक्रम भी हैं। यही विविधता इसे सभी आयु वर्ग के लोगों से जोड़ती है।

नई पीढ़ी को परंपरा से जोड़ने का प्रयास

अग्रसेन जयंती के आयोजन में बच्चों और युवाओं की भागीदारी विशेष महत्व रखती है। फैंसी ड्रेस, म्यूजिकल चेयर, पजल मैचिंग और अन्य मनोरंजक गतिविधियां बच्चों एवं युवाओं को आयोजन से जोड़ती हैं। वहीं प्रतिभावान विद्यार्थियों का अभिनंदन उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

इस प्रकार महोत्सव केवल एक धार्मिक तिथि का उत्सव नहीं रहकर समाज की नई पीढ़ी को अपनी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।

25 अक्टूबर तक जारी रहेगा उत्सव का उल्लास

27 सितंबर से शुरू हुआ भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव 25 अक्टूबर तक विभिन्न चरणों में आयोजित हो रहा है। एक महीने से अधिक समय तक चलने वाले इस आयोजन में मनोरंजन, सम्मान, धर्म, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं।

अग्रवाल विकास संस्थान बासनी की इस पहल से समाज के अलग-अलग आयु वर्ग को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, एक-दूसरे से मिलने और सामूहिक रूप से उत्सव मनाने का अवसर मिल रहा है। 11 अक्टूबर की शोभायात्रा और भजन संध्या से लेकर 23 अक्टूबर के सम्मान समारोह तथा 25 अक्टूबर के फैंसी ड्रेस, चाट बाजार और नृत्य नाटिका तक, महोत्सव का प्रत्येक कार्यक्रम अपने आप में अलग आकर्षण लेकर आएगा। भगवान श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव इस संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, सहभागिता, संस्कार और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य में निहित है।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें