पंकज जांगिड़. जोधपुर
“मां-बाप को मत भूलना” भजन संध्या विवेक विहार के सेक्टर ‘एन’ मे आयोजित हुई, जिसमें गायक पंकज, नैनाराम देवासी, विजय लौहार, नीरु, राधेश्याम इंदौर, पारस, जितेन्द्र ने अशोक भाटी, योगेश, विजय, घनश्याम, प्रेमराज और दीपक के संगीतमय प्रस्तुति के साथ मनमोहक भजनों के माध्यम से माता-पिताा की महिमा का गुणगान किया तो भक्त भावविभोर और मंत्रमुग्ध होकर झूमते नजर आए।
कार्यक्रम संयोजक दिनेश-ताराचंद जायलवाल ने बताया कि इस दौरान गौभक्त सवाईराम चौधरी ने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता से ओतप्रोत भजन ‘अरे द्वारपालों….’ पर भाव नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। जयकारों से आयोजन स्थल गुज उठा। कलाकारों ने बताया कि माता-पिता दोनों मिलकर बच्चे को पढ़ाई, सामाजिक-आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, पारिवारिक, व्यवहारिक व शारीरिक शिक्षा देने का कार्य करते हैं।
इस तरह एक पिता का कर्तव्य परवरिश व रक्षा पर ज्यादा केंद्रित रहता है ताकि बड़ा होने पर बच्चा अपनी रक्षा कर सके व सामाजिक ऊंच-नीच में अपने व अपने परिवार को सम्हाल सके। बाकी सारी चीजें इसके इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। साथ ही प्रकृति ने एक अदभुद क्षमता दी है मां को, वह पिता की अनुपस्थिति में स्वयं मां-बाप दोनो का कर्तव्य बखूबी निभा लेती है, इसलिए मां-बाप में मां का नाम पहले आता है ।







