नारी अपना घर में सत्कर्म मानव सेवा ग्रुप ने कराया नाश्ता, हरिहर महादेव मंदिर महिला मंडली ने भजनों से बांधा समां
राखी पुरोहित, जोधपुर
जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन समाजसेवी मधु भंडारी ने अपना जन्मदिन सेवा, भक्ति और मानवता को समर्पित कर एक मिसाल कायम की। 2 अक्टूबर को उनका जन्मदिन सत्कर्म मानव सेवा ग्रुप की ओर से नारी अपना घर, चौखा में रहने वाले प्रभुजनों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर करीब 100 प्रभुजनों के बीच खुशियां बांटी गईं और उन्हें अपनेपन का अहसास कराया गया।
सत्कर्म मानव सेवा ग्रुप की प्रिया जैन ने बताया कि पूरे ग्रुप के सहयोग से नारी अपना घर के करीब 100 प्रभुजनों के लिए सुबह और दोपहर के नाश्ते की व्यवस्था की गई। जन्मदिन के अवसर को केवल खान-पान तक सीमित न रखते हुए इसे भक्ति और मनोरंजन से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम में हरि हर महादेव मंदिर, हरि नगर की महिला मंडली ने भजन-कीर्तन की शानदार प्रस्तुति दी। भक्तिमय वातावरण में प्रभुजनों ने भी पूरे उत्साह के साथ भजनों का आनंद लिया।
भजन-कीर्तन के दौरान माहौल इतना खुशनुमा हो गया कि प्रभुजन और उपस्थित सदस्य एक साथ नाचने लगे। सभी ने मिलकर डांस और मस्ती का आनंद लिया। उम्र और परिस्थितियों की सीमाएं जैसे उस समय कहीं पीछे छूट गईं और पूरा वातावरण परिवार के किसी उत्सव जैसा नजर आया। प्रभुजनों के चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
कीर्तन के बाद सभी प्रभुजनों को नाश्ता कराया गया। इसके साथ ही हरि हर महादेव मंदिर की महिला मंडली की ओर से नारी अपना घर के लिए राशन सामग्री भी प्रदान की गई। सेवा के इस कार्य से कार्यक्रम की सार्थकता और बढ़ गई। प्रभुजनों ने पूरे आयोजन का भरपूर आनंद लिया। उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह देखकर उपस्थित सदस्यों ने भी इसे अपने लिए एक यादगार अनुभव बताया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे भी अपने जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत उत्सव के रूप में मनाने के बजाय ऐसी संस्थाओं में रहने वाले जरूरतमंद और प्रभुजनों के साथ खुशियां साझा करेंगे। उनका मानना था कि जन्मदिन का वास्तविक आनंद तभी है, जब हमारी खुशी किसी दूसरे के चेहरे पर मुस्कान ला सके।
अंत में समाजसेवी मधु भंडारी ने सत्कर्म मानव सेवा ग्रुप तथा हरि हर महादेव मंदिर महिला मंडली के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रभुजनों के साथ जन्मदिन मनाकर उन्हें जो आत्मिक खुशी मिली, वह किसी भी व्यक्तिगत उपहार से कहीं अधिक मूल्यवान है। कार्यक्रम ने सेवा, भक्ति और मानवीय संवेदना का सुंदर संदेश दिया।







