इस चर्चा में अनुराधा आडवाणी द्वारा अशोक व्यास का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक लघु कथा तथा कुछ लघु कविताओं का पाठ किया गया ।
उदित भास्कर. जोधपुर
शब्दरंग द्वारा प्रवासी भारतीय कथाकारों के कथा साहित्य पर चर्चा की गई। चर्चा से पूर्व संस्था की अध्यक्ष डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव द्वारा कहानीकार ज़किया ज़ुबैरी, तेजेन्द्र शर्मा, उषा राजे सक्सेना, अर्चना पैन्यूली, शैलजा सक्सेना तथा हमारे ही शहर के प्रवासो रचनाकार अशोक व्यास की कथाओं पर चर्चा की गई।
इस चर्चा में अनुराधा आडवाणी द्वारा अशोक व्यास का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक लघु कथा तथा कुछ लघु कविताओं का पाठ किया गया । प्रो.. कैलाश कौशल द्वारा कथाकार ज़किया ज़ुबैरी तथा उषा राजे की कहानियों की विषय वस्तु तथा परिवेश पर चर्चा की गई। डाॅ. पद्मजा शर्मा ने अर्चना पैन्यूली तथा शैलजा सक्सेना की कहानियों का ज़िक्र करते हुए उनकी कहानियों की विशेषताओं को बहुत विश्लेषणात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया । परिवेश के परिवर्तन से किस प्रकार एक लेखक की सोच उसके लेखन के विषयों किस प्रकार प्रभावित होते हैं इसके विषय में जानकारी दी गई। अर्चना की कहानियों में किस प्रकार उस देश की भाषा का प्रयोग किया गया है , इसका भी वर्णन उनके द्वारा किया गया । डाॅ. हरीदास व्यास ने तेजेन्द्र शर्मा के दो कहानी संग्रह की कुछ कहानियों तथा उनकी विषय वस्तु व शिल्प पर अपने विचार रखे । कहानियो के कुछ अंशों को प्रस्तुत करके अपने वक्तव्य को स्पष्ट किया । अंत में रमेश भाटी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। मंच संचालन मधुर परिहार द्वारा किया गया ।






