उदित भास्कर. जोधपुर
सनातन परंपरा में ब्रह्मांड का प्रथम वास्तुकार, शिल्पकार और इंजीनियर माने जाने वाले भगवान श्री विश्वकर्मा का पूजा दिवस पुराना हाईकोर्ट परिसर स्थित श्री विश्वकर्मा चैंबर में हर वर्ष की भांति 17 सितंबर, गुरुवार को श्रद्धापूर्वक और धूमधाम से मनाया जाएगा।
चैबर के संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता भारत भूषण ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी व समस्त पदाधिकारीगण, बार कांउसलर रतनाराम ठोलिया एवं जांगिड़ महासभा के पदाधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता पुखराज जांगिड़ के आतिथ्य तथा अधिवक्ताओं व गणमान्य समाजबंधुओं की मेजबानी में दोपहर 1.15 बजे भगवान श्री विश्वकर्मा के तस्वीर पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से पूजा अर्चना व आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा।
भारत भूषण शर्मा ने बताया कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा के साथ-साथ मशीनों, औजारों, कारखानों और वाहनों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, ताकि कार्यक्षेत्र में तरक्की और सिद्धि बनी रहे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा की साधना करने से व्यक्ति को कामों में सफलता प्राप्त होती है और खूब तरक्की होती है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा ने ही सोने की लंका, श्रीकृष्ण की द्वारका नगरी, देवताओं की इंद्रपुरी और पुष्पक विमान का निर्माण किया था। औजारों, मशीनों, वाहनों और उपकरणों को भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद माना जाता है। इसी वजह से विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से कारोबार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और कार्यस्थल पर सदैव सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।






