उदित भास्कर डेस्क. जोधपुर
12 सितंबर विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस है। यह दिन याद दिलाता है कि प्राथमिक चिकित्सा कितनी जरूरी है। मरीज को डॉक्टर की सेवा मिलने से पहले उसका प्राथमिक उपचार मिल जाए तो कई बार उसकी जिंदगी बच सकती है। महात्मा गांधी अस्पताल की वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कंवर का कहना है कि छोटी सहायता, बड़ा बदलाव ला सकता है। हर जीवन की सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि आज के दिन हमें ये याद दिलाया जाता है कि डॉक्टर के आने से पहले दिया गया एक छोटा सा प्रयास किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है। प्राथमिक चिकित्सा क्या है? तेज कंवर बताती हैं कि किसी भी दुर्घटना, चोट, या अचानक बीमार होने पर डॉक्टर या एम्बुलेंस के पहुँचने से पहले जो तुरंत सहायता दी जाती है, उसे ही प्राथमिक उपचार कहते हैं।
प्राथमिक उपचार क्यों जरूरी है?
1. जान बचाता है: तुरंत दिया गया उपचार खून बहने से रोकता है, सांस चलाने में मदद करता है।
2. गोल्डन ऑवर: दुर्घटना के बाद का पहला 1 घंटा सबसे कीमती होता है। इसी समय में दिया गया उपचार मरीज के बचने की संभावना 70% तक बढ़ा देता है।
3. स्थिति बिगड़ने से रोकता है: सही प्राथमिक उपचार से चोट ज्यादा गंभीर नहीं होती।
हम सबको ये 4 बातें जरूर आनी चाहिए:
1. CPR – अगर किसी की सांस रुक जाए तो छाती पर दबाव देकर सांस वापस लाना।
2. खून रोकना – साफ कपड़े से चोट पर कसकर दबाव बनाना।
3. जलने पर – तुरंत 10 मिनट तक ठंडे पानी से धोना, टूथपेस्ट या घी बिल्कुल न लगाना।
4. हड्डी टूटने पर – हिले-डुले नहीं, सीधा रखें और तुरंत अस्पताल ले जाएं। याद रखिए, प्रथम चिकित्सा एक कौशल नहीं, एक जीवन बचाने की शक्ति है! आइए, आज हम सब प्रण लें कि हम प्राथमिक चिकित्सा सीखेंगे और दूसरों को भी सिखाएंगे। क्योंकि सही समय पर दी गई मदद ही सबसे बड़ी मानव सेवा है।






