3 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे होगा थिएटर सेल, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की प्रस्तुति का मंचन
राखी पुरोहित. जोधपुर
सूचना केंद्र के मिनी ऑडिटोरियम के उद्घाटन के पश्चात पहली बार यहां नाट्य प्रस्तुति के रूप में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के थिएटर सेल द्वारा समकालीन हिंदी नाटक ‘आख़िरी श्रोता’ का मंचन शनिवार, 3 अक्टूबर को शाम 6:30 बजे किया जाएगा। डॉ. हितेंद्र गोयल द्वारा लिखित, निर्देशित, परिकल्पित एवं संकल्पित यह नाटक आधुनिक जीवन की आपाधापी में निरंतर विस्मृत होती जा रही आत्मीय संवाद और संवेदनशील श्रवण की संस्कृति को केंद्र में रखता है।
नाटक आज के उस समाज पर करारा व्यंग्य करता है, जहां हर व्यक्ति अपनी बात कहने के लिए आतुर है, लेकिन किसी दूसरे को आत्मीयता और धैर्य के साथ सुनने का समय निरंतर कम होता जा रहा है। तकनीक, सोशल मीडिया और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच मानवीय संबंधों में बढ़ती दूरियों तथा संवादहीनता को रेखांकित करता यह नाटक दर्शकों को कई अवसरों पर हतप्रभ करता है और उन्हें अपने जीवन, संबंधों तथा सामाजिक व्यवहार पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
नाटक की विशेषता यह है कि यह केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दर्शकों के भीतर संवेदना और आत्ममंथन की प्रक्रिया को भी जन्म देता है। इसकी विषयवस्तु समकालीन समाज की उस विडंबना को उजागर करती है, जिसमें संवाद के अनेक माध्यम उपलब्ध होने के बावजूद आत्मीयता के साथ किसी को सुनने की संवेदना लगातार कमजोर पड़ रही है।
इस प्रस्तुति में शहर के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से प्रशिक्षित कलाकार बी. एम. व्यास, रंग अभिनेत्री अनुराधा अडवाणी, भरत वैष्णव, मनोहर सिंह, उम्मेद भाटी सहित अन्य प्रशिक्षित रंगकर्मी अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से नाटक के कथानक और उसकी संवेदनशील भावभूमि को जीवंत करेंगे।
उल्लेखनीय है कि ‘आख़िरी श्रोता’ के चार सफल मंचन इससे पूर्व जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय परिसर स्थित थिएटर सेल स्टूडियो में हो चुके हैं। दर्शकों की मांग और नाटक की समकालीन प्रासंगिकता को देखते हुए अब इसका मंचन सूचना केंद्र के मिनी ऑडिटोरियम में किया जा रहा है। यह प्रस्तुति शहर के रंगप्रेमियों के लिए एक विशिष्ट नाट्य अनुभव होगी।







