आनंद एम. वासु. जैसलमेर
आजकल सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर वक्त का पहिया पीछे घूमता नज़र आ रहा है। एक नया और बेहद दिलचस्प ट्रेंड लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, जहाँ हर कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी तस्वीरों को 10-20 साल नहीं, बल्कि सीधे 1980 के दशक की ‘नॉस्टैल्जिक विंटेज’ लुक में बदलकर शेयर कर रहा है।
चाहे इंस्टाग्राम की रील्स हों या फ़ेसबुक और X (ट्विटर) की टाइमलाइन, हर तरफ म्यूटेड कलर्स, पोलेरॉइड इफ़ेक्ट्स, रेट्रो फ़िल्टर्स और 80s के क्लासिक फ़ैशन की भरमार है।
ट्रेंड की प्रमुख आकर्षण और खासियतें:
80s का क्लासिक लुक:
एआई टूल्स चेहरे की बनावट को बनाए रखते हुए कपड़ों में बेल-बॉटम्स, पोल्का डॉट्स, ओवरसाइज़्ड डेनिम जैकेट्स, डेनिम-ऑन-डेनिम और उस दौर के मशहूर हेयरस्टाइल्स (जैसे पफ और कर्ल्स) को बड़ी ही बारीकी से जोड़ देते हैं।
सच्चा रेट्रो अहसास:
फ़िल्म ग्रेन, हल्का धुंधलापन और विंटेज कलर टोन तस्वीरों को ऐसा लुक देते हैं मानो उन्हें 80 के दशक के किसी एनालॉग कैमरे से ही खींचा गया हो।
हर उम्र के लोगों में उत्साह:
युवा पीढ़ी जहाँ इस दौर को पहली बार ‘एक्सपेरिमेंटल लुक’ के रूप में जी रही है, वहीं बड़े-बुजुर्ग अपनी पुरानी यादों में खोकर इसे मुस्कुराते हुए शेयर कर रहे हैं। एआई और रेट्रो कल्चर का यह अनोखा संगम यह साबित करता है कि फ़ैशन और यादें कभी पुरानी नहीं होतीं, बस नए दौर की तकनीक के साथ दोबारा लौट आती हैं।






