
फोटो स्टोरी : दिलीप कुमार पुरोहित
आईपीएस पंकज चौधरी और उनकी धर्मपत्नी दक्षिण भारतीय भोजन का आनंद लेते हुए। पंकज चौधरी ने बताया कि यह पसंद बिल्कुल लाजवाब है। हरे केले के पत्ते पर परोसा गया गर्म-गर्म चावल, खुशबूदार सांभर, तीखा-चटपटा रसम, कुरकुरा पापड़ और नारियल की ताजी चटनी—यह सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि एक संपूर्ण और तृप्त करने वाला अनुभव है।

केले के पत्ते पर खाने का स्वाद दोगुना इसलिए हो जाता है क्योंकि गर्म खाना जब पत्ते पर आता है, तो पत्ते में मौजूद प्राकृतिक तत्व (Polyphenols) भोजन में मिल जाते हैं, जो न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छे होते हैं।
चूंकि इस बेहतरीन पारंपरिक भोजन का जिक्र किया है, तो इस स्वाद को और भी खास बनाने वाली कुछ और चीजें हैं : तोरण / पोरियल: पत्तागोभी या बीन्स की नारियल के साथ सूखी सब्जी।
अवियल: केरल की पारंपरिक मिक्स वेज, जो नारियल के पेस्ट और दही में बनती है। पायसम : भोजन के अंत में परोसी जाने वाली मीठी और मलाईदार खीर।






