जो संदिग्ध मामला सामने आया है, उसे प्रारंभिक तौर पर प्लैग के घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है, मगर इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यह मरीज एक पुरुष है और वह 2 अक्टूबर की घटना के बाद भारत आया है।
दिलीप कुमार पुरोहित. मास्को/नई दिल्ली
2 अक्टूबर को इरकुत्स्क, साइबेरिया में 28 वर्षीय लैब कर्मचारी दर्या शिपिलोवा की गंभीर निमोनिया से मृत्यु होने के बाद मीडिया रिपोर्ट में प्लैग का मामला बताया जा रहा था। कर्मचारी एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थीं। मीडिया रिपोर्ट में इसे पेन्युमोनिक प्लैग से जोड़ा गया था और करीब 200 संपर्क में आने वालों को क्वारंटीन में रखा गया था। इस बीच खबर है कि दिल्ली में 4 अक्टूबर को एक संदिग्ध मामला सामने आया है, जिसे प्रारंभिक तौर पर प्लैग के घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है, मगर इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यह मरीज एक पुरुष है और वह 2 अक्टूबर की घटना के बाद भारत आया है।
2 अक्टूबर से सात अक्टूबर के बीच 1300 से ज्यादा लोग भारत आए, चिकित्सा विभाग की लापरवाही सामने आई?
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर की घटना के बाद करीब 1300 से ज्यादा लोग रूस से भारत आए हैं। मगर गृह मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सावधानी नहीं बरती। हालत यह है कि प्रतिदिन 250 से अधिक लोग भारत आ रहे हैं और भारत सरकार इस मामले में लापरवाही बरत रही है। कोरोना की त्रासदी से अभी देश और दुनिया पूरी तरह नॉर्मल हुई ही नहीं है कि एक और महामारी की आशंका को देखते हुए भारत सरकार स्तर पर सावधान नहीं बरती जा रही है। हालांकी रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने डब्ल्यूएचओ को बताया कि प्लेग की पुष्टि नहीं हुई है। लगभग 5,000 परीक्षणों में खतरनाक रोगजनक नहीं मिला और करीब 90% निगरानी में रखे गए लोगों को छोड़ दिया गया।
दिल्ली में संदिग्ध मरीज के बाद भी भारत सरकार लापरवाह !
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में पिछले दिनों मिले संदिग्ध मरीज के बारे में अभी प्लैग की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन भारत सरकार को चाहिए कि रूस से आने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाए और कोई भी संदिग्ध मामला नजर आए तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
राजस्थान में भी हाई अलर्ट की जरूरत !
राजस्थान में भी रूस की घटना के बाद हाई अलर्ट की जरूरत है। 2026 की पहली छमाही में राजस्थान में लगभग 8.44 लाख विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। इनमें अकेले जयपुर में 2.56 लाख विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। रूस से पिछले पांच दिनों में 120 से अधिक यात्री राजस्थान आए हैं और यह सिलसिला जारी है। जबकि राजस्थान में चिकित्सा विभाग को अभी से स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और कोरोना की त्रासदी की घटना के बाद किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरतनी चाहिए और हाई अलर्ट की जरूरत है।
कोरोना के राजस्थान में पहले रोगी की खबर इसी रिपोर्टर ने राजनीति करंट मैग्जीन में ब्रेक की थी
इस रिपोर्टर ने जो राजनीति करंट मैग्जीन का राजस्थान ब्यूरो प्रभारी है ने कोरोना मरीज की राजस्थान में दस्तक होने पर पहली बार खबर ब्रेक की थी और कोरोना महामारी को लेकर आगाह किया था। उसके बाद कोरोना पूरे भारत में ही नहीं दुनिया भर में फैल गया था। दिल्ली में मिले संदिग्ध मरीज के बाद स्थिति कहीं विस्फोटक नहीं हो जाए इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अभी से एहतियातन कदम उठाने चाहिए।







