समाज में दिव्यांगों का समावेशन आज की आवश्यकता है: प्रो. मीना बर्डिया

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संस्था की अध्यक्ष प्रो. मीना बराड़िया ने बताया कि प्रज्ञा निकेतन छात्रावास की सुविधा नेत्रहीन व दिव्यांग छात्रों के लिए उपलब्ध कराने के साथ उन्होंने यह एक नवाचार शुरू किया है, जिसमें विभिन्न गांवों, खेड़े, छोटे शहरों में दिव्यांगों के प्रति आम व्यक्ति की धारणा बदले। उन्हें दिव्यांगों से संबंधित समस्याओं, कानूनों, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक चुनौतियों की जानकारी देना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

राखी पुरोहित. जोधपुर 

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, झंवर में एन.जी.ओ. विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका विषय था “शिक्षा, विकास एवं दिव्यांगों का सामाजिक समावेशन”।

संस्था की अध्यक्ष प्रो. मीना बराड़िया ने बताया कि प्रज्ञा निकेतन छात्रावास की सुविधा नेत्रहीन व दिव्यांग छात्रों के लिए उपलब्ध कराने के साथ उन्होंने यह एक नवाचार शुरू किया है, जिसमें विभिन्न गांवों, खेड़े, छोटे शहरों में दिव्यांगों के प्रति आम व्यक्ति की धारणा बदले। उन्हें दिव्यांगों से संबंधित समस्याओं, कानूनों, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक चुनौतियों की जानकारी देना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

इस कार्यशाला का आरंभ सरस्वती माँ की पूजा अर्चना के साथ आरंभ हुआ। इसके पश्चात् डॉ. श्याम देव, जो कि स्वयं दृष्टिबाधित हैं, ने अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने जीवन में आई चुनौतियों और संस्मरणों के उदाहरण से बताया कि शिक्षा के माध्यम से दिव्यांग आगे बढ़ सकते हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. मीना बराड़िया ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए व्यवहारिक ढंग से तथा उदाहरणों के माध्यम से बताया कि दिव्यांग सब कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग वो नहीं हैं जिनमें कोई शारीरिक कमी है। बल्कि वो दिव्यांग हैं जो आलसी हैं, नशा करते हैं, हिंसा करते हैं, बुरा सोचते हैं। प्रो बर्डिया ने छात्रों को करियर चुनने में किन बातों का ध्यान रखें, इसकी भी जानकारी दी । उन्होंने विज्ञान के मॉडल्स की भी प्रशंसा की।

कार्यक्रम का संयोजन सुरेश पारीक एवं श्रीमती नीना शर्मा ने किया। विद्यालय के छात्रों द्वारा सुन्दर नृत्य प्रस्तुति की गई। एक नृत्य प्रस्तुति दिव्यांग छात्रों द्वारा की गई। कार्यक्रम में करीब 600 छात्र, अभिभावक व विद्यालय स्टाफ सम्मिलित हुआ। उपप्रधानाध्यापक राठौड़ ने अपना उद्बोधन दिया । अंत में ओमप्रकाश ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान की ओर से प्रतिभाशाली 21 छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

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