विश्व स्पाइन दिवस पर विशेष : हर 2 में से 1 व्यक्ति को कभी न कभी कमर दर्द की समस्या होती है

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कमर दर्द नहीं, गंभीर स्पाइन समस्या का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमारी रीढ़ हमारे जीवन भर हमारे साथ है। यह सिर्फ एक हड्डी नहीं, यह हमारी गतिशीलता, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान है। इस वर्ल्ड स्पाइन डे पर हम सब संकल्प लें – “आज से अपनी रीढ़ का ध्यान रखेंगे, ताकि हमारी रीढ़ जीवन भर हमारा ध्यान रख सके।”

उदित भास्कर डेस्क. जोधपुर

16 अक्टूबर को विश्व भर में विश्व स्पाइन दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। रीढ़ की हड्डी ही हमारे शरीर का आधार स्तंभ है, इसी पर हमारा उठना, बैठना, चलना और पूरा जीवन निर्भर करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार आज कमर दर्द दुनिया में विकलांगता का सबसे बड़ा कारण है। 2020 में 61 करोड़ लोग इससे पीड़ित थे और 2050 तक यह संख्या 84 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। भारत में हर 2 में से 1 व्यक्ति को कभी न कभी कमर दर्द की समस्या होती है।

वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी तेज कंवर का कहना है कि हम अस्पताल में रोज देखते हैं कि 80% स्पाइन की समस्याएं हमारी गलत जीवनशैली से होती हैं। इसलिए इलाज से बेहतर है बचाव।

स्पाइन खराब होने के मुख्य कारण :

1. गलत पोस्चर: घंटों झुक कर मोबाइल चलाना, लैपटॉप पर झुक कर बैठना
2. लंबे समय तक बैठना: हर 30-40 मिनट में बिना हिले-डुले बैठे रहना
3. गलत तरीके से वजन उठाना: झुक कर भारी सामान उठाना
4. मोटापा और व्यायाम की कमी: कमजोर Core Muscles का होना
5. असंतुलित आहार: कैल्शियम और विटामिन D की कमी से हड्डियां कमजोर होना

कैसे रखें अपनी रीढ़ को स्वस्थ – 5 सुनहरे नियम:

1. हर 30 मिनट में ब्रेक: लगातार न बैठें। उठें, 2 मिनट चलें, शरीर को स्ट्रेच करें।
2. सही पोस्चर अपनाएं: बैठते समय कमर सीधी, दोनों पैर जमीन पर, मोबाइल आंखों के लेवल पर रखें।
3. सही तरीका सीखें: नीचे से कोई चीज उठाते समय घुटने मोड़ें, कमर को सीधा रखें और सामान को शरीर के करीब रखें।
4. रोजाना 30 मिनट मूवमेंट: तेज चलना, तैरना, और पेट व पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले योग/व्यायाम जरूर करें।
5. स्वस्थ जीवनशैली: धूम्रपान से बचें, वजन नियंत्रित रखें, पर्याप्त पानी पीएं, और कैल्शियम-विटामिन D युक्त आहार लें।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें? – इन चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें:

– पैर में सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी आना
– दर्द के साथ बुखार, वजन कम होना
– रात में तेज दर्द जो सोने न दे
– चोट के बाद तेज कमर दर्द
– मल-मूत्र पर नियंत्रण में दिक्कत

यह आम कमर दर्द नहीं, गंभीर स्पाइन समस्या का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमारी रीढ़ हमारे जीवन भर हमारे साथ है। यह सिर्फ एक हड्डी नहीं, यह हमारी गतिशीलता, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान है। इस वर्ल्ड स्पाइन डे पर हम सब संकल्प लें – “आज से अपनी रीढ़ का ध्यान रखेंगे, ताकि हमारी रीढ़ जीवन भर हमारा ध्यान रख सके।”

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