जोधपुर में SI री-एग्जाम को पुनः आयोजित करने की मांग, अभ्यर्थियों ने संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को सौंपा ज्ञापन

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संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अभ्यर्थियों की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक (SI) री-एग्जाम के प्रश्नपत्र को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को जोधपुर में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने राज्य के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और परीक्षा को निरस्त कर पुनः आयोजित कराने की मांग की।

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि RPSC द्वारा आयोजित SI री-एग्जाम का प्रश्नपत्र बेहद कठोर, अव्यावहारिक और अतार्किक था। उनका कहना है कि प्रश्न-पत्र का स्तर निर्धारित पाठ्यक्रम और सामान्य परीक्षा-मानकों की अपेक्षा असामान्य रूप से कठिन रहा, जिसके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने गंभीर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई है।

अभ्यर्थियों ने कहा कि हजारों युवा लंबे समय से SI भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और इस परीक्षा से उनका भविष्य सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रश्नपत्र के स्तर और स्वरूप को लेकर उठ रही आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा की निष्पक्षता एवं अभ्यर्थियों के हित में पुनः परीक्षा आयोजित करने पर विचार किया जाना चाहिए।

अभ्यर्थियों ने यह भी चिंता जताई कि यदि इस परीक्षा के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर होते हैं, तो इसका प्रभाव उनके आगामी भर्ती अवसरों पर भी पड़ सकता है। इसी कारण अभ्यर्थी सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर उनकी मांग पर सकारात्मक एवं न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।

सैकड़ों अभ्यर्थियों ने दिखाई एकजुटता

मंत्री जोगाराम पटेल को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में धनराज पटेल, पवन प्रकाश माली, रितिका सोलंकी धनराज पटेल , प्रेमप्रकाश मनीष राठौड़,  चेनाराम जाट  प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके साथ सैकड़ों अभ्यर्थी भी मौजूद रहे और उन्होंने परीक्षा को पुनः आयोजित कराने की मांग को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान अवसर और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित कराना है।

संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अभ्यर्थियों की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा। अभ्यर्थियों के अनुसार, मंत्री पटेल ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया और अभ्यर्थियों की मांग एवं उनकी भावनाओं को सरकार तक पहुंचाया। मंत्री के इस आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।

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