एक लाख घंटे रेडियो पर आवाज का जादू बिखेरने वाले ‘काकू’ सेवानिवृत्त

SHARE:

आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक गौतम राज नवल ने 34 साल तक दी सेवाएं, साथियों ने भावभीनी विदाई दी; राखी पुरोहित ने कविता से किया भावनाओं का इजहार

राखी पुरोहित. जोधपुर 

रेडियो की दुनिया में अपनी आवाज, प्रस्तुति और संवाद शैली से श्रोताओं के बीच विशिष्ट पहचान बनाने वाले आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक गौतम राज नवल उर्फ ‘काकू’ 34 साल की लंबी सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवाकाल का सबसे उल्लेखनीय पक्ष रेडियो पर करीब एक लाख घंटे बोलने का कीर्तिमान है। यह उपलब्धि उनके लंबे अनुभव, कार्य के प्रति समर्पण और प्रसारण की दुनिया में उनकी निरंतर सक्रियता को दर्शाती है।

काकू की सेवानिवृत्ति का अवसर उनके लिए केवल नौकरी से विदाई का नहीं, बल्कि जीवन के उस महत्वपूर्ण अध्याय को याद करने का भी रहा, जिसमें उनकी आवाज हजारों-लाखों श्रोताओं तक पहुंचती रही। इस मौके पर उनके साथियों और शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके साथ बिताए समय और अनुभवों को याद किया।

34 साल का सफर, यादों का खजाना

आकाशवाणी में साढ़े तीन दशक से अधिक समय तक सेवाएं देना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेडियो के माध्यम से श्रोताओं तक सूचना, विचार और मनोरंजन पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते हुए काकू ने अपने पेशेवर जीवन का लंबा समय समर्पित किया। करीब एक लाख घंटे बोलने का उनका रिकॉर्ड उनके अनुभव और रेडियो प्रसारण से गहरे जुड़ाव को रेखांकित करता है।

सेवानिवृत्ति के अवसर पर काकू ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने सेवाकाल से जुड़ी यादों और रेडियो की दुनिया में बिताए समय को याद किया। उनके अनुभवों ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। रेडियो से जुड़ा उनका सफर उन लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है, जो अपनी आवाज और अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज तक पहुंच बनाना चाहते हैं।

साथियों की मौजूदगी ने बनाया यादगार अवसर

काकू के सम्मान में आयोजित इस अवसर पर उनके साथी संजय व्यास, राजेन्द्र जी, कालू राम परिहार, अनिल कुमार राम, कालू राम प्रजापति तथा ‘सिमाड़े री गूंज’ से जुड़े साथी मौजूद रहे। साथियों की उपस्थिति ने इस अवसर को आत्मीयता और अपनत्व से भर दिया।

लंबे समय तक एक ही कार्यक्षेत्र से जुड़े रहने वाले लोगों के बीच अनेक यादें और अनुभव साझा होते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति का अवसर एक ओर उपलब्धियों का उत्सव होता है, तो दूसरी ओर रोजमर्रा के साथ और संवाद के एक अध्याय के समाप्त होने की अनुभूति भी कराता है। काकू के सम्मान में जुटे साथियों की मौजूदगी ने इसी भाव को अभिव्यक्त किया।

राखी पुरोहित की कविता ने छुआ दिल

कार्यक्रम का भावुक क्षण उस समय आया, जब राखी पुरोहित ने काकू के सम्मान में भावपूर्ण कविता सुनाई। कविता के माध्यम से उन्होंने उनके व्यक्तित्व, सेवाओं और इस अवसर से जुड़ी भावनाओं को शब्द दिए। कविता ने समारोह को साहित्यिक संवेदना से जोड़ते हुए माहौल को भावुक बना दिया।

दिलीप कुमार पुरोहित ने साफा पहनाकर किया सम्मान

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार पुरोहित ने गौतम राज नवल ‘काकू’ को साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर उनका सम्मान किया। यह सम्मान उनके लंबे सेवाकाल और उपलब्धियों के प्रति आदर का प्रतीक रहा।

34 साल की सेवा और करीब एक लाख घंटे रेडियो पर बोलने की उपलब्धि के साथ काकू का आकाशवाणी से औपचारिक सेवाकाल भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन रेडियो की दुनिया में उनके अनुभव, यादें और आवाज से जुड़ी स्मृतियां उनके साथियों तथा श्रोताओं के बीच लंबे समय तक बनी रहेंगी। उनकी सेवानिवृत्ति एक कार्यकाल का समापन होने के साथ-साथ समर्पण, अनुभव और निरंतरता से भरे सफर को सम्मान देने का अवसर भी बनी।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें