करवा चौथ पर प्रेम की अनूठी अभिव्यक्ति बनी कपल फोटो प्रतियोगिता, निरुपा पटवा और कपिल पटवा की जोड़ी सर्वश्रेष्ठ

SHARE:

उदित भास्कर की प्रतियोगिता में पारंपरिक तस्वीरों के साथ AI से तैयार फोटो भी शामिल; कविता रूपी कैप्शन ने जीता निर्णायकों का दिल

जोधपुर। करवा चौथ के पावन अवसर पर प्रेम, विश्वास और दांपत्य जीवन की खूबसूरत भावनाओं को अभिव्यक्त करने के उद्देश्य से उदित भास्कर की ओर से आयोजित कपल फोटो प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में पति-पत्नी की जोड़ी ने अपनी तस्वीरों और उनके साथ लिखे आकर्षक कैप्शन के माध्यम से प्रेम और समर्पण के भाव प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में पारंपरिक फोटोग्राफी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार तस्वीरों को भी शामिल किया गया।

निरुपा पटवा और कपिल पटवा की जोड़ी को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

प्रतियोगिता में निरुपा पटवा और कपिल पटवा की जोड़ी को सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी के रूप में चुना गया। उनकी तस्वीर के साथ प्रस्तुत कविता रूपी कैप्शन ने विशेष आकर्षण पैदा किया। तस्वीर और शब्दों के माध्यम से व्यक्त प्रेम की भावना ने इस जोड़ी को प्रतियोगिता में विशिष्ट स्थान दिलाया। आयोजकों ने उनकी रचनात्मक प्रस्तुति को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार के लिए चयनित किया।

चार प्रतिभागियों की तस्वीरें सराहनीय श्रेणी में

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को भी प्रोत्साहित किया गया है। इनमें से चार प्रतिभागियों की तस्वीरें सराहनीय श्रेणी में उदित भास्कर में प्रकाशित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करना और दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास तथा आपसी सम्मान के महत्व को रेखांकित करना है।

आगामी कार्यक्रम में मिलेगा सम्मान

प्रतियोगिता के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ जोड़ी को पुरस्कार तथा चयनित प्रतिभागियों को प्रशंसा पत्र आगामी किसी कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। सम्मान समारोह के आयोजन की तिथि और स्थान की जानकारी बाद में दी जाएगी।

उदित भास्कर की यह पहल पारिवारिक रिश्तों की आत्मीयता को रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने का प्रयास है। प्रतियोगिता में वास्तविक तस्वीरों और AI से तैयार चित्रों को शामिल किए जाने से बदलती तकनीक के दौर में रचनात्मकता के नए स्वरूपों को भी मंच मिला है।

प्रथम स्थान

निरुपा पटवा. कपिल पटवा

मेरा चाँद, मैं उनकी चाँदनी

मेरा चाँद मेरे दिल का सरताज है,
मैं उनकी चाँदनी, वो मेरा आज है।

करवा चौथ पर आसमाँ में उनका राज,
मैं सलोनी रानी, वो मेरे दिल के ताज।

चाँद की शीतल किरणों-सा उनका प्यार,
उनके नाम से महके मेरा संसार।

हाथों में मेहँदी, आँखों में इंतज़ार,
उनकी एक मुस्कान पर जीवन निसार।

चाँद को देखूँ, फिर साजन को निहारूँ,
उनकी लंबी उम्र की हर दुआ सँवारूँ।

मेरी हर धड़कन में उनका ही नाम,
उनके संग रोशन मेरी सुबह और शाम।

वो मेरे सपनों के राजकुमार हैं,
मैं उनकी मोहब्बत, वो मेरा संसार हैं।

जन्मों-जन्मों तक रहे ये प्यार का नूर,
मेरा चाँद रहे मुझसे कभी न दूर।

सराहनीय जोड़े

डॉ दीपा परिहार. डॉ सीआर राव

करवा चौथ

आज दिन है
करवा चौथ का,
गोटेदार लाल जोड़ा पहना है,
गजरा बालों में ऐसे लिपटाया
जैसे चन्दन की डाली में
सांप लिपटा हुआ है।
अधरों और गालों पे
लालिमा चमक रही है,
सिंदूर भरी मांग तो
जैसे बिजली दमक रही है।
सुहाग की बिन्दी
मानो सूर्योदय हो गया है।
अधरों पे काला तिल
पहरा दे रहा है।
नथनी और कानों की बालियां
झूले झूल रही है,
मंगल सूत्र, हार व चूड़ियों पे
जड़े मोती टिमटिमा रहे है,
जैसे तारे ज़मी पे उतर आए है।
हाथ, पांव की मेहँदी
अपना अलग ही रंग दिखा रही है।
आज तो पायलियां
छम छम करती हुई शरमा रही है।
बाजूबन्द ने दोनों बाजुओं को
जकड़ दिया है,
कमरबंध तो कटि पे
आकाश गंगा सी झिलमिल बह रही है।
लुम्बा झुम्बा लटकते नखराली नार
राजस्थानी गणगोर लगे,
काला टिका इसलिए लगाया
कि किसी की नजर न लगे।
सज धज के सँवरी है…
मेरे खातिर …सोलह श्रृंगार करके
भूखी है आज
करवा चौथ का व्रत करके,
मेरी उम्र का रिचार्ज करना चाहती है…
एक साल का टॉप अप
फिर से बढ़ाना चाहती है।
इसलिए, व्रत की पूजा हेतु
नख से शिख तक अलंकृत है…
इस रूप को देखके सारे विस्मृत है…..
चाँद खुद पागल हो गया,
जब मेरे चाँद को छत पे देखा।
उस वक्त यारो
मैं कभी इस चाँद को ….
तो कभी उस चाँद को….
देखता गया…..देखता गया ….
डॉ. छगनराज राव
3 क 19, मधुबन हाऊसिंग बोर्ड, बासनी, जोधपुर (राज.)

सराहनीय

श्री और श्रीमती नीलम व्यास 

सराहनीय

राखी पुरोहित. दिलीप कुमार पुरोहित

चाँद से निकला अमर प्रेम का झरना

चाँद से निकला है हमारे अमर प्रेम का झरना,
चौथ माता वर दो, सुहाग अखंड सदा रखना।

चाँदनी रात में प्रेम का दीप जलाऊँ,
साजन की लंबी उम्र की मंगल ज्योत जगाऊँ।

मेरा चाँद है मेरे जीवन का उजियारा,
उनके प्रेम ने हर पल जीवन सँवारा।

करवा चौथ का व्रत, आँखों में इंतज़ार,
साजन के दर्शन को मन है बेकरार।

मेहँदी के रंग में पिया का नाम सजाऊँ,
चौथ माता के चरणों में शीश झुकाऊँ।

जन्म-जन्म तक रहे प्रेम की अमर कहानी,
मैं रहूँ उनकी राधा, वो मेरे प्रेम के धनी।

सुख-दुख में साथ रहे, कभी न छूटे डोर,
प्रेम की खुशबू महके जीवन के हर छोर।

चौथ माता कृपा करो, बना रहे प्रेम सुहाना,
हर जन्म में मिले मुझे यही चाँद-सा दीवाना।

सराहनीय

कमलेश दवे और श्रीमती ज्योत्सना शर्मा

चांद में देखा पिया का चेहरा

चांद निकला आसमान में, सज गई रात सुहानी है,
हाथों में पूजा की थाली, आंखों में प्रेम की कहानी है।
छलनी से जब देखा चांद, फिर पिया का दीदार किया,
सात जन्मों के रिश्ते को, फिर प्रेम से स्वीकार किया।
लाल चुनरिया, हाथों में मेहंदी, माथे पर बिंदिया प्यारी है,
पति की लंबी उम्र की खातिर, हर पत्नी ने व्रत धारी है।
ना चांद की चाहत, ना तारों की फरमाइश है,
बस साथ रहे मेरा हमसफर, यही दिल की ख्वाहिश है।
हर जन्म में यही साथ मिले, यही रब से अरदास रहे,
प्यार की डोर कभी ना टूटे, जीवन में मधुर मिठास रहे।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य

शहर चुनें