भजन संध्या सहित हुएअनेक धार्मिक आयोजन, भगवान को लगाया खीर-चुरमें का भोग, भजनों पर झूमे भक्त
उदित भास्कर. जोधपुर
भगवान विष्णु के अवतार और गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण के प्रिय घोड़े लीलाघर का जन्मोत्सव भादवी छठ को रातानाडा स्थित श्री देवनारायण मंदिर सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
मंदिर व्यवस्थापक मूलाराम गुर्जर ने बताया कि मंदिर सेवक रामप्रसाद महाराज के सान्निध्य में मंदिर समिति की ओर से मनाए जाने वाले इस पर्व में भक्तजन बड़े उत्साह के साथ खीर-चूरमें का प्रसाद अपने घरों से बनाकर मंदिर लाए और भगवान श्री देवनारायण के दर्शन किए। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलमंडली, रंगोली और विशेष रोशनी से सजाया गया और देव प्रतिमाओं का आलोकित श्रृंगार किया गया। संध्या आरती के बाद भगवान को खीर-चुरमें का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया और शाम 7 बजे से मध्यरात्रि तक भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें भजन गायक पंकज बिंदास एड पार्टी ने देवी-देवताओं के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी तो शंकरलाल और रितिका सहित भक्तों ने भाव नृत्य कर भगवान देवनारायण की आराधना की।
इस मौके मंदिर समिति के मूलाराम फारक, बाबुलाल हाकला, राजेन्द्र हाकला, दीपक हाकला, बलविंरेदर भडाणा, एडवोकेट राजेन्द्र कटारिया, किशन कटारिया, किशन कालस, मुकेश कटारिया, महेश धाभाई, शंकरलाल डोई, हरीश नागड़ी, नवयुवक मंडल, मातृशक्ति सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे। मंदिर समिति सदस्य बाबुलाल हाकला ने बताया कि यह पर्व गुर्जर समाज की आस्था, परंपरा और पहचान से जुड़ा हुआ है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन समाज के लोग एकत्र होकर सामूहिक पूजा करते हैं और एकजुटता का संदेश देते हैं।
मंदिर सेवक रामप्रसाद महाराज ने बताया कि भादवी छठ केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि नैतिकता, भाईचारे और वीरता के आदर्शों का भी संदेश देता है। भगवान श्री देवनारायण के जीवन से प्रेरित होकर लोग अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।








