आईपीएस पंकज चौधरी ने दिखाया अपना विजन…लखपति दीदी को लेकर दिए कई महत्वपूर्ण सुझाव

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आईपीएस चौधरी ने कहा कि प्रदेश की जेलों के अंदर लखपति दीदी योजना के तहत इनके उत्पाद और निर्मित सामान बेचने के लिए स्थान मिले। साथ ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों झीलों जैसे बांसवाड़ा की माही डैम,अजमेर की अन्ना सागर झील, उदयपुर की फतह सागर झील, जोधपुर की कायलाना झील, अलवर की सॉलिसिट झील आदि अन्य झीलों व महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर इनके लिए स्थान हो।

दिलीप कुमार पुरोहित. जयपुर

लखपति दीदी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक ग्रामीण शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में डीआईजी आईपीएस पंकज चौधरी ने लखपति दीदी योजना को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ोतरी को लेकर अपना विजन दिखाया।

आईपीएस चौधरी ने कहा कि प्रदेश की जेलों के अंदर लखपति दीदी योजना के तहत इनके उत्पाद और निर्मित सामान बेचने के लिए स्थान मिले। साथ ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों झीलों जैसे बांसवाड़ा की माही डैम,अजमेर की अन्ना सागर झील, उदयपुर की फतह सागर झील, जोधपुर की कायलाना झील, अलवर की सॉलिसिट झील आदि अन्य झीलों व महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर इनके लिए स्थान हो।

इसी तरह  प्रदेश की बच्चियों को विशेष रूप से आर्थिक सशक्तिकरण व जोड़ने की पहल की जरूरत को रेखांकित किया। प्रदेश में संचालित समस्त केंद्रीय विद्यालय, सरकारी स्कूलों, कॉलेजों तथा हॉस्टल्स में लखपति योजना के तहत इनके द्वारा मितव्ययी रूप से शुद्ध देसी निर्मित उत्पाद की बिक्री के लिए स्थान हो।

राजस्थान की सांस्कृतिक व सामाजिक पृष्ठभूमि में भारत सरकार की लखपति दीदी योजना को व्यापक आयाम प्रदान का भी दिया सुझाव।पंकज चौधरी ने ये भी सुझाव दिए यदि भविष्य में राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने पर राज्य के समस्त पुलिस थानों के अंदर इनको स्थान मिलता है तो थाने आने वाले परिवादियों के लिए भी यह अनुकूल रहेगा। पुलिस थानों में स्वागत कक्ष स्थापित होने से पीड़ितों व परिवादियों को राहत मिला है उसी प्रकार इस पहल से भी पीड़ितों और ज़रूरतमंदों को अनुकूल माहौल व लाभ मिलेगा।

लखपति दीदी को थाने के विजिट विजिट,सेल्फ डिफेंस व कम्युनिटी पुलिस से जोड़ने की कवायद पूरे प्रदेश में चल रही है। अभी तक पूरे प्रदेश में दिनांक 31/08/2026 तक 35144 लखपति दीदियों को को पुलिस द्वारा आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अभी तक दिनांक 31/08/2026 तक कुल 7577 लखपति दीदियों को कम्युनिटी पुलिसिंग के जिला ,थाना व बीट स्तर पर जोड़ा गया है। इनके द्वारा निर्मित उत्पादों की सूची और QR कोड समस्त पुलिस लाइन और कैंटीन में मौजूद है। जिससे पुलिस स्टाफ को आसानी होगी। पूर्व में यह निर्धारित हुआ है की राज्य के पुलिस लाइन और अकादमी में भी इनके लिए स्थान उपलब्ध हो ताकि इनके द्वारा निर्मित किए उत्पाद की बिक्री हो और इसका लाभ पुलिस कर्मियों और इनके परिवारों को मिले। इनके लिए पुलिस लाइन में स्थान व बिक्री के लिए निर्माण के लिए राजविका ने जिम्मेदारी ली है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे श्री कृष्ण कुणाल,आईएएस ने डीआईजी पंकज चौधरी के सुझावों का समर्थन किया और विभाग को दिए निर्देश। बैठक में इस विषय से जुड़े समस्त विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

क्या है लखपति दीदी योजना : 

लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की सालाना पारिवारिक आय को कम से कम ₹1,000,00 (एक लाख रुपये) या उससे अधिक तक पहुँचाना है। सरकार ने हाल ही में इसके दायरे को बढ़ाते हुए 6 करोड़ महिलाओं को इस योजना के तहत लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ कौशल और तकनीकी प्रशिक्षण: महिलाओं को उनके हुनर के हिसाब से पारंपरिक और आधुनिक क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें कृषि, पशुपालन, एलईडी बल्ब बनाने, प्लंबिंग और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ड्रोन उड़ाने व उनकी मरम्मत करने (Drone Didi) का प्रशिक्षण शामिल है।आर्थिक सहायता और ऋण: व्यवसाय शुरू करने या उसे बढ़ाने के लिए महिलाओं को बिना गारंटी (Collateral-Free) और बेहद कम ब्याज या ब्याज-मुक्त ऋण (Loan) उपलब्ध कराया जाता है। अलग-अलग राज्यों और बैंकों के नियमों के तहत ₹1 लाख से ₹5 लाख तक की लोन सहायता मिलती है। बाजार और व्यापार सहयोग: महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, बाजार अनुसंधान, वित्तीय प्रबंधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार से जुड़ाव सुनिश्चित किया जाता है।

पात्रता और आवश्यक दस्तावेज (Eligibility) : योग्यता:आवेदिका भारत की स्थायी निवासी (विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की) होनी चाहिए।महिला की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि महिला को किसी सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूह (Self Help Group – SHG) का सदस्य होना अनिवार्य है। ज़रूरी दस्तावेज़:आधार कार्ड और पैन कार्ड निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्रबैंक खाते की पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटोस्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन नंबर या विवरण आवेदन करने की प्रक्रिया (How to Apply) इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से संचालित होती है: समूह से जुड़ें: यदि आप पहले से किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) में नहीं हैं, तो अपने गांव के नजदीकी समूह से जुड़ें।बिजनेस प्लान बनाएं: अपने समूह के सदस्यों और समूह सखी/ब्लॉक मिशन मैनेजर के साथ बैठकर अपनी रुचि (जैसे डेयरी, सिलाई, हस्तशिल्प आदि) का एक छोटा बिजनेस प्लान साझा करें।फॉर्म भरें: नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत कार्यालय या ब्लॉक विकास कार्यालय (Block Office) से लखपति दीदी योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।दस्तावेज जमा करें: फॉर्म में सभी सही जानकारियां भरकर अपने जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ इसे अपने स्वयं सहायता समूह के जरिए बैंक या संबंधित अधिकारी के पास जमा करा दें। सत्यापन (Verification) पूरा होने के बाद सरकार द्वारा ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाती है और व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक किश्तें सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती हैं।

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