वंदे मातरम के 150 साल : एक अमर गीत जिसने आजादी के आंदोलन में प्राण फूंके

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नेताजी सुभाषचंद्र बोस विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम, वक्ताओं ने अमर गीत की विशेषताएं बताईं

राखी पुरोहित. जोधपुर 

वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस विद्यालय, सूरसागर में देशभक्ति से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत श्री अमृत राम महाराज, बड़ा रामद्वारा, सूरसागर ने की। मुख्य अतिथि समाजसेवी एडवोकेट विजय शर्मा थे। संत श्री अमृत राम महाराज ने भारत माता की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में संतोष कुमार देवड़ा (उपाध्यक्ष, ABRSM जोधपुर), न्यूरोथैरेपिस्ट संतु सिंह मेड़तिया एवं लक्ष्मी शेखावत मंचासीन रहे। मुख्य वक्ता दिनेश एवं श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका और युवाओं मेंं देशभक्ति की भावना पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कंवरलाल और प्रकाश द्वारा प्रस्तुत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन रहा, जिसमें सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित नागरिकों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। देशभक्ति गीतों से पूरा परिसर गूंज उठा। छात्र बलवीर सिंह द्वारा राष्ट्रगीत लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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