भारत विकास परिषद, जोधपुर मुख्य शाखा द्वारा गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित

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गुरुजनों का सम्मान एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का अभिनंदन कर भारतीय संस्कारों का दिया संदेश

राखी पुरोहित. जोधपुर 

भारत विकास परिषद, जोधपुर मुख्य शाखा द्वारा शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को संत देवाराम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, पाल रोड, जोधपुर में गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना तथा विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। शाखा अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र भूतड़ा ने परिषद के सदस्यों का परिचय देते हुए भारत विकास परिषद की विभिन्न सेवा एवं संस्कार संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. वी.डी. दवे ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों के प्रति आदर एवं कृतज्ञता का भाव रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर गत सत्र में अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले तथा खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल करने वाले कुल 28 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने विद्यालय के 35 शिक्षकों का गुरु वंदन कर उनके प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया। भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शिल्पा पुरोहित का माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।

प्रधानाचार्या श्रीमती शिल्पा पुरोहित ने परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे संस्कारमय कार्यक्रमों की सराहना की। कार्यक्रम में परिषद के कोषाध्यक्ष श्री अरुण कुमार कच्छवाहा एवं एनीमिया प्रकल्प प्रभारी श्री ललित मोहन अग्रवाल ने सहयोग प्रदान किया।
अंत में शाखा सचिव श्री राजेंद्र कुमार मंत्री ने प्रधानाचार्या, समस्त शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ का सफल आयोजन में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। तत्पश्चात उपस्थित जनसमूह को संस्कारों के संरक्षण एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की शपथ दिलाई गई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम में कुल 878 लोगों की सहभागिता रही, जिनमें 800 विद्यार्थी, 28 सम्मानित छात्र, 35 सम्मानित शिक्षक, 10 अभिभावक एवं परिषद के 5 दायित्वधारी शामिल रहे।
भारत विकास परिषद का मानना है कि गुरु का सम्मान संस्कारों का सम्मान है और संस्कारवान विद्यार्थी ही सशक्त राष्ट्र का आधार हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

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