वक्ता बोले- मोहन को पाने के लिए जहर का प्याला पीना पड़ता है
सुमनेश व्यास. जोधपुर
डॉ. मदन सावित्री डागा साहित्य भवन नेहरू पार्क में उदित भास्कर प्राइवेट लिमिटेड के उद्घाटन अवसर पर साझा साहित्य संकलन मीरा और मोहन का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी पवन कुमार जोशी ने कहा कि आज पढ़ने की आदत खत्म हो रही है। युवा पीढ़ी को शब्दों के संस्कार और स्वाध्याय पर जोर देना होगा। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि आगे बढ़ने के लिए मेहनत और समर्पण दिखाएं। उन्होंने कहा कि मुंबई में उनका प्रवास यादगार रहा, हर परिस्थितियां हमें सिखाती है। उन्होंने कहा कि दिलीप जी पुरोहित हमेशा कुछ नया करते रहते हैं और उनके कार्यक्रमों में आकर मुझे प्रसन्नता होती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को और अधिक मेहनत करनी होगी, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता, मगर अब जमाने के साथ टेक्नोलॉजी को भी आत्मसात करना होगा।
निरूपा पटवा ने अतिथियों का स्वागत किया

स्वागत उद्बोधन में समाजसेवी निरूपा पटवा ने कहा कि जब कोई कार्य आरंभ किया जाता है तो प्रकृति भी परीक्षा लेती है। मैं दिलीप जी को शुभकामना देती हूं कि उन्होंने जो बीड़ा उठाया है, उसमें सफल हो।
सरस्वती के साथ लक्ष्मी पर भी विचार करना चाहिए : डॉ. अरविंद पुरोहित
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् डॉ. अरविंद कुमार पुरोहित ने कहा कि मीरा भक्ति की पराकाष्ठा है। जब भक्ति चरम पर होती है और नारायण को आना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि दिलीप जी ने सरस्वती पुत्र होने के साथ कंपनी की शुरुआत की है तो मैं उनसे कहना चाहूंगा कि अब लक्ष्मी को प्रसन्न करें और लक्ष्मी की तरफ भी ध्यान दें।
भक्ति, शक्ति और विचारों का पुंज है मीरा और मोहन : परमानंद केसानी
समाजसेवी परमानंद केसानी ने कहा कि यह पुस्तक भक्ति, शक्ति और विचारों का पुंज है। इस पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए मैं दिलीप जी को बधाई देता हूं। उन्होंने पाकिस्तान में उनकी उड़ान और फिर वहां आई परेशानियों के साथ अपनी उपलब्धियों और जीवन के संघर्ष के बारे में भी बताया।
मंजिल की तलाश ना करें, मंजिल सतत प्रक्रिया है : एन.डी. निम्बावत
अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ अधिवक्ता एनडी निम्बावत ने कहा कि मीरा के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है, मगर मीरा को लोग भूलते जा रहे हैं। इस साझा संकलन में मीरा के बहुआयामी व्यक्तित्व का दिग्दर्शन होता है। उन्होंने कहा कि दिलीप पुरोहित मेरे अनुज है और उन्होंने दैनिक भास्कर जैसे मीडिया ब्रांड से इस्तीफा देकर अपनी खुद की नई शुरुआत की है, उनके साहस की सराहना करता हूं, मगर मैं कहना चाहूंगा कि मंजिल की तलाश न करें क्योंकि मंजिल अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है। ठहरना नहीं है और निरंतर चलते रहता है। उन्होंने दिलीप पुरोहित को अपनी ओर से शुभकामना दी और कंपनी में जन सहयोग की अपेक्षा की।
दिलीप पुरोहित ने पत्रकारिता की यात्रा और कंपनी के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला :
पुस्तक के प्रबंध संपादक दिलीप कुमार पुरोहित ने उदित भास्कर प्राइवेट लिमिटेड स्थापित करने के मकसद और अपनी पत्रकारिता की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम मीडिया के साथ वेलनेस, हेल्थ, नैचुरोपैथी, मेडिटेशन और योगा के क्षेत्र में भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे रथ की कमान हमने श्री कृष्ण भगवान को सौंप दी है। अब हार और जीत उनके हवाले।
आनंद प्रकाश कल्ला ने किया सफल संचालन :

कार्यक्रम का सफल संचालन उदित भास्कर प्राइवेट लिमिटेड के सलाहकार आनंद प्रकाश कल्ला ने किया।
सुमनेश व्यास ने अपने निर्देशन में उदित भास्कर का गीत संपादित किया, एथम की सबने की सहराना :

इस मौके पर कार्यक्रम का संयोजन कंपनी के संपादकीय और प्रशासनिक सलाहकार सुमनेश व्यास ने किया। उनके निर्देशन में उदित भास्कर का गीत संपादित किया गया और तैयार किया गया, जिसे कार्यक्रम में एथम के रूप में प्रसारित किया गया। इसकी श्रोताओं ने प्रशंसा की। यह गीत सुमनेश व्यास ने विशेष रूप से तैयार कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। तकनीकी सलाहकार दिलीप केसानी ने कार्यक्रम में सहयोग किया। आरंभ में राखी पुरोहित ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की और दिलीप पुरोहित को माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। साझा संकलन की प्रधान संपादक नीलम व्यास स्वयंसिद्धा, सह संपादक राखी पुरोहित और संरक्षक एनडी निम्बावत सागर है।
इस मौके पर डॉ. अरविंद कुमार पुरोहित को राइजिंग भास्कर की ओर से आयोजित प्रतियोगिता हनुमान अंश : नीम करौली बाबा पर उनकी सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए प्रशंसा पत्र और उदित भास्कर अंकित कॉफी कप देकर सम्मानित किया गया।
ये लोग थे मौजूद
दिलीप केसानी, अशफाक अहमद फौजदार, पंकज बिंदास, चरणजीत सिंह छाबड़ा, योगेश लोहिया, केवलचंद कोठारी, जुगल किशोर सारस्वत, बसंती पंवार, सुधा गर्ग, डॉ. छगनराज राव, डॉ. दीपा परिहार, श्याम गुप्ता शान्त, असरार आहिल, चंद्रशेखर अरोड़ा, कमल शर्मा, राहुल चौहान, इंद्रराज शर्मा, हंसराज हंसा, जवाहर सिंह, हर्षद सिंह भाटी, हस्तीमल आर्य, महेश कुमार पंवार, राजेश भैरवानी, प्रमोद वैष्णव, हरसहाय हर्ष, पूनाराम विश्नोई, गोविंदराम, डॉ. संजीदा खानम शाहीन, सुरेशचंद्र भूतड़ा, आरके सुथार, अनीता जांगिड़ सुनील ओझा, सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।



















