उनका व्यवहार अपने साथियों के साथ हमेशा मधुर रहा है और वे जूनियर को हमेशा प्रोत्साहित करते रहे हैं। काकू अपनी आवाज और विशेष प्रस्तुति के लिए आकाशवाणी में लोकप्रियता के शिखर पर रहे। उन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष देखे। वे कहते हैं भी हैं कि मेरी बुलंदियों को सब देखते हैं मगर मेरे पैरों के छालों को किसी ने नहीं देखा। वर्षों से रेडियो पर प्रसारित सीमाड़े री गूंज कार्यक्रम को गौतम राज नवल उर्फ काकू उर्फ नवलो भा ने अपनी विशिष्ट शैली से लोकप्रिय बना दिया। श्रोताओं को अब काकू की आवाज की कमी खलेगी।
राखी पुरोहित. जोधपुर
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आकाशवाणी के सीनियर अनाउंसर हर दिल अजीज गौतम राज नवल ‘काकू’ 34 वर्ष की गौरवपूर्ण सेवा के बाद 30 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने रेडियो सेवा में करीब 1 लाख घंटे प्रसारण का कीर्तिमान बनाया है। उनके प्रोग्राम रेडियो पर खूब पसंद किए जाते रहे हैं। उनका व्यवहार अपने साथियों के साथ हमेशा मधुर रहा है और वे जूनियर को हमेशा प्रोत्साहित करते रहे। काकू अपनी आवाज और विशेष प्रस्तुति के लिए आकाशवाणी में लोकप्रियता के शिखर पर रहे। उनका सीमाड़े री गूंज कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा। इसमें पहले काकू और अब नवलो भा की भूमिका में उन्होंने विशिष्ट शैली अपनाई और उनकी आवाज खूब पसंदी की जाती रही। श्रोताओं को अब काकू उर्फ नवलो भा की आवाज की कमी खलेगी। उन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष देखे। वे कहते हैं भी हैं कि मेरी बुलंदियों को सब देखते हैं मगर मेरे पैरों के छालों को किसी ने नहीं देखा।
काकू बताते हैं कि रेडियो में आना उनके लिए चुनौतिपूर्ण रहा। लेकिन एक घटना के बाद उन्होंने तय कर लिया था कि वे रेडियो में नौकरी प्राप्त करके रहेंगे। आखिर उन्हें सफलता मिली और वे रेडियो में अनाउंसर बन गए। उन्होंने 34 सालों की सरकारी सेवा में मन लगाकर कार्य किया और उनकी विशिष्ट शैली की वजह से हर कार्यक्रम कुछ ही दिनों में लोकप्रिय हो जाता।
हाथी पर सवार होकर राजसी ठाठ से विदा होंगे ‘काकू’

काकू का कहना है कि उन्होंने नौकरी जिस अंदाज में की है तो उनके शुभचिंतकों के आग्रह पर उन्होंने हाथी पर विराजमान होकर आकाशवाणी से विदाई का प्रोग्राम बनाया है। हाथी की सवारी काकू को पसंद है। हाथी की चाल उन्हें बड़ी प्यारी लगती है। हाथी अपने विशिष्ट गुणों के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि काकू की विदाई भी हाथी की सवारी पर होगी।
परिवार के सदस्यों ने तैयारियां पूरी की

काकू के परिवारजनों ने सेवानिवृत्ति की तैयारियां पूरी कर ली है। आकाशवाणी स्टाफ भी अपने प्रिय और हर दिल अजीज काकू को विदाई देने का प्रोग्राम तय कर लिया है। 30 अक्टूबर को शाम 4 बजे काकू आकाशवाणी परिसर से हाथी पर सवार होकर अपने निवास स्थल की ओर प्रस्थान करेंगे।








